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JEEWAN KA UDASHYA KYA HAI

RADHEY KRISHNA WORLD 9891158197 जीवन का उद्देश्य क्या है????? * साधक सिद्ध बिमुक्त उदासी। कबि कोबिद कृतग्य संन्यासी॥ जोगी सूर सुतापस ग्यानी। धर्म निरत पंडित बिग्यानी॥ भावार्थ:-साधक, सिद्ध, जीवनमुक्त, उदासीन (विरक्त), कवि, विद्वान, कर्म (रहस्य) के ज्ञाता, संन्यासी, योगी, शूरवीर, बड़े तपस्वी, ज्ञानी, धर्मपरायण, पंडित और विज्ञानी-॥ * तरहिं न बिनु सेएँ मम स्वामी। राम नमामि नमामि नमामी॥ सरन गएँ मो से अघ रासी। होहिं सुद्ध नमामि अबिनासी॥ भावार्थ:-ये कोई भी मेरे स्वामी श्री रामजी का सेवन (भजन) किए बिना नहीं तर सकते। मैं, उन्हीं श्री रामजी को बार-बार नमस्कार करता हूँ। जिनकी शरण जाने पर मुझ जैसे पापराशि भी शुद्ध (पापरहित) हो जाते हैं, उन अविनाशी श्री रामजी को मैं नमस्कार करता हूँ॥ मित्रों! सम्पदा, बुद्धिमत्ता, बलिष्ठता, प्रतिष्ठा, कला कुशलता जैसी भौतिक उपलब्धियों का शारीरिक सुविधा संवर्धन में कितना योगदान है, इसे आप सभी भली-भांति जानते और समझते हैं, उस उपार्जन के लिए सभी अपनी-अपनी सूझ−बूझ और सामर्थ्य के अनुरूप प्रयत्न भी करते हैं। इस संदर्भ में एक बात और भी जानने योग्य है, कि आ...

APRA EKADASHI 18 MAY 2020

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RADHEY KRISHNA WORLD 9891158197 अपरा एकादशी  अपरा एकादशी अजला और अपरा दो नामों से जानी जाती है। इस दिन भगवान त्रिविक्रम की पूजा का विधान है। अपरा एकादशी का एक अर्थ यह कि इस एकादशी का पुण्य अपार है। इस दिन व्रत करने से कीर्ति, पुण्य और धन की वृद्धि होती है। वहीं मनुष्य को ब्रह्म हत्या, परनिंदा और प्रेत योनि जैसे पापों से मुक्ति मिल जाती है। इस दिन तुलसी, चंदन, कपूर, गंगाजल से भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। अपरा एकादशी व्रत पूजा विधि अपरा एकादशी का व्रत करने से लोग पापों से मुक्ति पाकर भवसागर से तर जाते हैं। इस व्रत की पूजा विधि इस प्रकार है: 1.  अपरा एकादशी से एक दिन पूर्व यानि दशमी के दिन शाम को सूर्यास्त के बाद भोजन नहीं करना चाहिए। रात्रि में भगवान का ध्यान करते हुए सोना चाहिए। 2.  एकादशी के दिन प्रात:काल स्नान के बाद भगवान विष्ण का पूजन करना चाहिए। पूजन में तुलसी, चंदन, गंगाजल और फल का प्रसाद अर्पित करना चाहिए। 3.  व्रत रखने वाले व्यक्ति को इस दिन छल-कपट, बुराई और झूठ नहीं बोलना चाहिए। इस दिन चावल खाने की भी मनाही होती है।...

हनुमान चालीसा की महिमा, JAI BAJRANG BALI

RADHEY KRISHNA WORLD 9891158197 हनुमान चालीसा की महिमा 🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸 हनुमान जी और हनुमानचालीसा दोनो का भारतीय संस्कृति में अवर्णीय आस्था है।  हनुमान जी का नाम आते ही हमारे अंदर एक अद्भुद शक्ति का संचार होने लगता है। हनुमान चालीसा का पूरा पाठ करने में लगभग 10 मिनट लगते हैं ! यह लेख थोड़ा लम्बा है, कृपया निश्चिंत हो कर ही इसे पढ़ें ! 1. बुरी आत्‍माओं को भगाए: हनुमान जी अत्‍यंत बलशाली थे और वह किसी से नहीं डरते थे। हनुमान जी को भगवान माना जाता है और वे हर बुरी आत्‍माओं का नाश कर के लोगों को उससे मुक्‍ती दिलाते हैं। जिन लोगों को रात मे डर लगता है या फिर डरावने विचार मन में आते रहते हैं, उन्‍हें रोज हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिये। 2. साढे़ साती का प्रभाव कम करे: हनुमान चालीसा पढ़ कर आप शनि देव को खुश कर सकते हैं और साढे साती का प्रभाव कम करने में सफल हो सकते हैं। कहानी के मुताबिक हनुमान जी ने शनी देव की जान की रक्षा की थी, और फिर शनि देव ने खुश हो कर यह बोला था कि वह आज के बाद से किसी भी हनुमान भक्‍त का कोई नुकसान नहीं करेगें। 3. पाप से मुक्‍ती दिलाए: हम कभी...

हनुमान जी के कुछ चमत्कारी सिद्ध मंत्र

RADHEY KRISHNA WORLD 9891158197 हनुमान जी के कुछ चमत्कारी सिद्ध मंत्र  हनुमान जी से सम्बन्धित बीज, मंत्र, चालीसा, बाहुक, बाण, साठिका आदि कुछ भी कर रहे हैं तो उसके बाद एक माला सीता राम की अवश्य जप लिया करें। मंत्र जप के बाद उस मंत्र का दशांश संख्या में हवन कर लेने से मंत्र सिद्ध हो जाता है। यदि मंत्र जप, दशांश हवन, हवन सामग्री आदि की पूर्ण विधि में जाना है तो उसके विस्तृत ज्ञान के लिए अन्य शास्वत ग्रंथों का अध्ययन मनन करना भी आवश्यक हो जाता है। उचित परामर्श यही है कि जप से पूर्व किसी बौद्धिक व्यक्ति से विषयक चर्चा एवं ज्ञान अवश्य प्राप्त कर लें।* इच्छा पूर्ति के लिए पाठकों के लाभार्थ कुछ प्रभावशाली मंत्र प्रस्तुत है- 1. सूर्य की प्रसन्नताव यश-कीर्ति के लिए- ऊँ नमो हनुमते रुद्रावताराय विश्वरूपाय अमितविक्रमाय प्रकट-पराक्रमाय महाबलाय सूर्यकोटिसमप्रभाय रामदूताय स्वाहा। 2. शत्रु पराजय के लिए- ऊँ नमो हनुमते रुद्रावताराय रामसेवकाय रामभक्तितत्पराय रामहृदयाय लक्ष्मणशक्ति भेदनिवावरणाय लक्ष्मणरक्षकाय दुष्टनिबर्हणाय रामदूताय स्वाहा। 3. शत्रु पर विजय तथा वशीकरणके लिए- ...

AMBE MAA AARTI , ARTI AMBE MAA KI

RADHEY KRISHNA WORLD 9891158197 Ambe Mata Aarti  जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी तुमको निशिदिन ध्यावत, तुमको निशिदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवरी ॐ जय अम्बे गौरी जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी तुमको निशिदिन ध्यावत, तुमको निशिदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवरी ॐ जय अम्बे गौरी माँग सिन्दूर विराजत, टीको जगमग तो उज्जवल से दो‌ नैना, चन्द्रवदन नीको ॐ जय अम्बे गौरी कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै रक्तपुष्प गल माला, कण्ठन पर साजै ॐ जय अम्बे गौरी केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्परधारी सुर-नर-मुनि-जन सेवत, तिनके दुखहारी ॐ जय अम्बे गौरी कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती कोटिक चन्द्र दिवाकर, सम राजत ज्योति ॐ जय अम्बे गौरी शुम्भ-निशुम्भ बिदारे, महिषासुर घाती धूम्र विलोचन नैना, निशिदिन मदमाती ॐ जय अम्बे गौरी चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे मधु-कैटभ दो‌उ मारे, सुर भयहीन करे ॐ जय अम्बे गौरी ब्रहमाणी रुद्राणी तुम कमला रानी आगम-निगम बखानी, तुम शिव पटरानी ॐ जय अम्बे गौरी चौंसठ योगिनी गावत, नृत्य करत भैरव बाजत ताल मृदंगा, और बाजत डमरु ॐ जय अम्बे गौरी तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता भक...

GANESH JI SHORTYA,

RADHEY KRISHNA WORLD 9891158197 GANESH JI SHORTYA साष्टांग नमन हे माझे गौरीपुत्र विनायका | भक्तिने स्मरतां नित्य आयु:कामार्थ साधती ||१|| प्रथम नाव वक्रतुंड दुसरे एकदंत तें | तीसरे कृष्णपिंगाक्ष चवथे गजवक्त्र तें ||२|| पाचवे श्रीलंबोदर सहावे विकट नाव तें | सातवे विघ्नाराजेंद्र आठवे धुम्रवर्ण तें ||३|| नववे श्रीभालाचंद्र दहावे श्रीविनायक | अकरावे गणपति बारावे श्रीगजानन ||४|| देवनावे अशीबारा तीनसंध्या म्हणे नर | विघ्नाभिती नसेत्याला प्रभो ! तू सर्वसिद्धिद ||५|| विद्यार्थ्यालामिळे विद्या धनार्थ्याला मिळे धन | पुत्रर्थ्यालामिळे पुत्र मोक्षर्थ्याला मिळे गति ||६|| जपता गणपतिस्तोत्र सहामासात हे फळ| एकवर्ष पूर्ण होता मिळे सिद्धि न संशय ||७|| नारदांनी रचिलेले झाले संपूर्ण स्तोत्र हे | श्रीधाराने मराठीत पठान्या अनुवादिले ||८||