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भगवान शिब के बारे मे आपको सबसे अच्छी बात क्या लगती है?| RADHEY KRISHNA WORLD 9891158197

Radhey krishna world 9891158197 प्रश्न - भगवान शिब के बारे मे आपको सबसे अच्छी बात क्या लगती है? जवाब - वह महादेव, जिनकी दृष्टि मे देव, दानव और मानव सभी समान है। जिन्होंने कमल और धतूरे मे, भस्म एवं चंदन मे कभी अंतर नहीं किया । सादा जीवन उच्च विचार वाला सिद्धांत भी शिव से ही शुरू हुआ था । वस्त्रों के स्थान पर कुछ पहनने का मन हुआ तो बाघ - तेंदुए की खाल पहन ली। रहने के लिए बहुत से स्थान है जैसे - कैलाश, काशी, श्मशान एवं वन । ऐसा कोई देवता बता दो, जो केवल एक बेलपत्र या थोड़े से जल से प्रसन्न हो जाते हो । जिन्हें किसी कठिन व्रत, नियम, अनुष्ठान आदि की आवश्यकता न हो । प्रभु शिव सरलता की पराकाष्ठा हैं । दिखावा पसंद नहीं करते, वरना आप ही बताइए कि अपनी ही बारात मे बैल पर सवार होकर, बाघ की खाल, नाग एवं मुंडमाला पहने, भस्म लगाए हुए देवों एवं मुनियों के साथ भूत पिशाच को बाराती बनाकर कौन आ सकता हैं । अपनी ही पत्नी के सामने कतार लगाकर, विनम्र भाव से अन्न की भिक्षा मांगकर अपने भक्तों को भोजन परोसने वाले देवता शायद ही कभी देखें गए हो । एक पति जिसने अपनी पत्नी के सम्...

क्‍यों दी जाती है दक्ष‍िणा? क्यों इसके बिना यज्ञ में फल नहीं मिलता? RADHEY KRISHNA WORLD 9891158197

RADHEY KRISHNA WORLD 9891158197 क्‍यों दी जाती है दक्ष‍िणा? क्यों इसके बिना यज्ञ में फल नहीं मिलता? दान-पुण्य करते वक्त ब्राह्मणों को दक्षिणा दी जाती है. आजकल इस दक्षिणा से मतलब महंगे सामान या रुपयों से है. लेकिन प्राचीन काल में शिक्षा पूरी होने के बाद विद्यार्थी अपने गुरुओं को दक्षिणा दिया करते थे. यह कुछ भी हुआ करती थी जैसे एकलव्य ने अपने गुरु ‘द्रोण’ को दक्षिणा में अपना अंगूठा काटकर दे दिया था. ऐसे ही बाकि छात्र भी अपनी-अपनी योग्यता के हिसाब से अपने गुरु को कुछ ना कुछ दान में अवश्य दिया करते थे. ये दक्षिणा देने की प्रथा कहां से शुरु हई? इसके पीछे क्या कारण है? इन सलावों के जवाब आपको इस कथा में मिल जाएंगे.  प्राचीन कथा श्री कृष्ण और लक्ष्मी जी से जुड़ी हुई है. गोलोक में भगवान कृष्ण को सुशीला नामक गोपी बहुत पसंद थी. वह उसकी विद्या, रुप और गुणों से प्रभावित थे. सुशीला राधाजी की ही सखी थीं. श्रीकृष्ण द्वारा सुशीला को पसंदQUES करने की बात राधा को पसंद नही थी. इसीलिए उन्होंने सुशीला को गोलोक से बाहर निकालवा दिया. इस बात से सुशीला को बहुत दुख हुआ और वो कठिन तप करने लगी. इस तप स...

आध्यात्म एवं भक्ति में अंतर क्या है? RADHEY KRISHNA WORLD RELIGIOUS STORY

RADHEY KRISHNA WORLD 9891158197 आध्यात्म एवं भक्ति में अंतर क्या है? * ग्यानहि भगतिहि अंतर केता। सकल कहहु प्रभु कृपा निकेता॥ सुनि उरगारि बचन सुख माना। सादर बोलेउ काग सुजाना॥ भावार्थ:-हे कृपा के धाम! हे प्रभो! ज्ञान और भक्ति में कितना अंतर है? यह सब मुझसे कहिए। गरुड़जी के वचन सुनकर सुजान काकभुशुण्डिजी ने सुख माना और आदर के साथ कहा-॥ * भगतिहि ग्यानहि नहिं कछु भेदा। उभय हरहिं भव संभव खेदा॥ नाथ मुनीस कहहिं कछु अंतर। सावधान सोउ सुनु बिहंगबर॥ भावार्थ:-भक्ति और ज्ञान में कुछ भी भेद नहीं है। दोनों ही संसार से उत्पन्न क्लेशों को हर लेते हैं। हे नाथ! मुनीश्वर इनमें कुछ अंतर बतलाते हैं। हे पक्षीश्रेष्ठ! उसे सावधान होकर सुनिए॥ आध्यात्म ज्ञानमार्ग की परिणति है और भक्ति प्रेममार्ग की, भक्तिमार्ग प्रेरित करता है विश्वास के लिये और ज्ञानमार्ग प्रेरित करता है खोज के लिये, प्रेममार्ग कहता है प्रश्न मत करो, मान लो, ज्ञानमार्ग कहता है, प्रश्न करो, तब जानोगे। ज्ञानमार्गियों के मन में बड़ा उथल पुथल रहता है, ईश्वर उन्हें व्यथित करता है, प्रश्न करता है, परन्तु भक्तिमार्गियों के लिए यह दुवि...

64 कलाओं में महारत थे श्री कृष्ण,RADHEY KRISHNA WORLD

RADHEY KRISHNA WORLD 9891158197 क्या आप जानते हैं कि कौन कौन सी होती है चौसठ कलायें? 64 कलाओं में महारत थे श्री कृष्ण श्री कृष्ण अपनी शिक्षा ग्रहण करने आवंतिपुर (उज्जैन) गुरु सांदीपनि के आश्रम में गए थे जहाँ वो मात्र 64 दिन रह थे। वहां पर उन्होंने ने मात्र 64 दिनों में ही अपने गुरु से 64 कलाओं की शिक्षा हासिल कर ली थी। हालांकि श्री कृष्ण भगवान के अवतार थे और यह कलाएं उन को पहले से ही आती थी। पर उनका जन्म एक साधारण मनुष्य के रूप में हुआ था इसलिए उन्होंने गुरु के पास जाकर यह पुनः सीखी। निम्न 64 कलाओं में पारंगत थे श्रीकृष्ण 1- नृत्य – नाचना 2- वाद्य- तरह-तरह के बाजे बजाना 3- गायन विद्या – गायकी। 4- नाट्य – तरह-तरह के हाव-भाव व अभिनय 5- इंद्रजाल- जादूगरी 6- नाटक आख्यायिका आदि की रचना करना 7- सुगंधित चीजें- इत्र, तेल आदि बनाना 8- फूलों के आभूषणों से श्रृंगार करना 9- बेताल आदि को वश में रखने की विद्या 10- बच्चों के खेल 11- विजय प्राप्त कराने वाली विद्या 12- मन्त्रविद्या 13- शकुन-अपशकुन जानना, प्रश्नों उत्तर में शुभाशुभ बतलाना 14- रत्नों को अलग-अलग प्रकार के आकारों में काटना 15- ...

RAMAYAN kya hai?

राधे कृष्णा वर्ल्ड  प्रश्न -   रामायण पढ़ने से क्या होता है ? उत्तर -  जिस घर में रामायण का वास है, उस परिवार को छू भी नहीं सकतीं विपदाएं।       रामचरितमानस के अनुसार - रामचरितमानस एहि नामा,  सुनत श्रवन पाइअ बिश्रामा॥ मन करि बिषय अनल बन जरई, होई सुखी जौं एहिं सर परई॥            भावार्थ:-इसका नाम रामचरित मानस है, जिसके कानों से सुनते ही शांति मिलती है। मन रूपी हाथी विषय रूपी दावानल में जल रहा है, वह यदि इस रामचरित मानस रूपी सरोवर में आ पड़े तो सुखी हो जाए॥              घर पर रखने पर ---           माना जाता है कि जिस घर में रामायण रखी होती है, वहां कभी भूत, पिशाच, प्रेतों का वास नहीं होता है। इसलिए हर घर में रामायण जरूरी है।  जिस घर में रामायण के पास सुबह शाम गौ माता के घी का दीपक प्रतिदिन जलाया जाता है, उस घर में आरोग्य बढ़ता है, बीमारियां कम होती है धन धान्य की कमी नहीं होती । जिस घर में यदि रामायण की शाम के समय देशी घी का दीपक जलाकर...